ENGLISH

 
 
मील के पत्थर एवं उपलब्धियां

अन्तरिक्ष विभाग तथा आई. आई. आर. एस द्वारा भू-सर्वेक्षण कार्यक्रम में क्षमता निर्माण एक विशेष घटक है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ राष्ट्रीय तथा अन्तराष्ट्रीय स्तर पर प्रौद्योगिकी अंतरण है। सुदूर संवेदन एवं सूचना प्रणाली तथा अनुप्रयोगों के क्षेत्र में यह दक्षिण पूर्व एशिया में अग्रणी संस्थान है। सन्‌ 1966 में इसके शुभारम्भ से लेकर अब तक आई. आई. आर. एस ने कई परिवर्तनों को देखा है तथा विशिष्ट उपलब्धियों के साथ कई मील के पत्थर पार किए है। आई. आई. आर. एस ने वर्ष 1983 में नगर एवं ग्राम नियोजन संगठन के लिए उच्च विभेदन उपग्रह आंकड़ों के अनुप्रयोग संबंधी क्षमताओं को समझते हुए शहरी एवं क्षेत्रीय नियोजन में विद्याविशेष के नए क्षेत्रों से परिचित कराया। इसके बाद आई. आई. आर. एस के कार्यक्रमों को आई.टी.सी नीदरलैंड के सहयोग से पूरी तरह संशोधित किया गया। इसके अंतर्गत सन्‌ 1994 में विद्याविशेष के सभी क्षेत्रों में भौगोलिक सूचना प्रणाली का शुभारंभ किया गया और पहली बार यह संस्थान प्रशिक्षण से शिक्षण की ओर बढ़ने लगा। इसके तहत वर्ष 2002 में एम.एस.सी तथ एम.टैक कार्यक्रमों की स्नातकोत्तर डिग्री का शुभारंभ किया गया। निम्नलिखित तालिका में आई. आई. आर. एस की विशिष्ट उपलब्धियों का क्रमानुसार विवरण दिया गया है:

वर्ष विकासों का कालक्रम विशिष्ट उपलब्धियां
1966

भारतीय फोटो-अर्थनिर्वचन संस्थान (आई.पी.आई) की स्थापना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय सर्वेक्षण के अंतर्गत आई.टी.सी के सहयोग के साथ की गई।

पहली बार भारत में फोटो अर्थ निर्वचन के प्रशिक्षण की शुरूआत

1976 आई.पी.आई का एन.आर.एस.ए में विलय
 

हवाई फोटो अर्थ निर्वचन से सुदूर संवेदन की ओर बढ़ते कदम

1983 अन्तरिक्ष-वाहित सुदूर संवेदन पर महत्व के संकेत

आई.आई.आर.एस  के रूप में नाम का परिवर्तन

1985

सुदूर संवेदन पर महत्व के साथ पाठ्‌यक्रम विकास संबंधी कामत समिति की रिपोर्ट
 

 इसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुसंगत बनाना, सुदूर संवेदन की ओर कदम बढ़ाना

1994 भौगोलिक सूचना प्रणाली के साथ इसके पाठ्‌यक्रमों का अद्यतीकरण
 

जी.पी.एस सभी आई.आई.आर.एस के पाठ्‌यक्रमों का अहम हिस्सा बना

1995 सी.एस.एस.टी.ई.ए.पी संयुक्त राष्ट्र अन्तराष्ट्रीय कर्यक्रम आयोजित होने शुरू हुए
2002 प्रशिक्षण से शिक्षण की ओर परिवर्तन
 

 एम.एस.सी (आई.टी.सी) और एम.टेक (आन्ध्र विश्वविद्यालय) कार्यक्रमों की शुरूआत

2006-07  एडयूसैट आधारित ई-ज्ञानार्जन

सभी के लिए किसी भी समय एवं कहीं भी सीखने के तरीको का विस्तार किया गया।

 
 
Copyright © IIRS

 Best Viewed in 1024 X 768 Resolution